गांव की छांव में...

#गांव_की_छांव में,
हम मिले थे जहां.!
जिंदगी में ना कोई,
कमी थी वहां.!
हम थोड़े सी कमाई में,
खुशहाल थे.!
हर चेहरे पर दिखता था,
अपना सा प्यार.!
हम कहां आ गए,
आज शहरों में हम.!
जहां जीवन के नाम पर,
घुटते है दम.!
तंग गलियों में गुज़रे,
अब जीवन यहां.!
जहां जीने के बदले में,
मरते है हम.!
#अजय57

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